MAINPURI 28 दिन की अनसुनी मांगें, कुरावली तहसील में अधिवक्ताओं ने ठप किया कामकाज
MAINPURI मैनपुरी में एसडीएम के खिलाफ अधिवक्ताओं का फूटा गुस्सा

MAINPURI मैनपुरी में सोमवार को कुरावली तहसील में अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन किया। अपनी लंबित मांगों को लेकर उन्होंने सभी न्यायिक कार्य ठप कर दिए और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि वे पिछले 28 दिनों से लगातार अपनी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत करा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हुई है।
कुरावली तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सुरजीत सिंह राठौड़ ने बताया कि 6 जनवरी को अधिवक्ताओं ने एसडीएम को 15 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा था। ये मांगें सीधे तौर पर किसानों और आम जनता से जुड़ी राजस्व संबंधी समस्याओं से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज की पत्रावलियां समय पर निस्तारित नहीं की जा रही हैं। नामांतरण आदेश महीनों से लंबित पड़े हैं और जिन मामलों में बहस पूरी हो चुकी है, उनमें भी आदेश पारित नहीं किए जा रहे हैं।
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आरोप है कि परवाना आरके कार्यालय में चढ़ने के लिए भेजी गई फाइलें दो से तीन साल से लंबित हैं। इससे न केवल किसानों को परेशानी हो रही है, बल्कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सुरजीत सिंह राठौड़ ने कहा कि तहसीलदार, एसडीएम और अन्य अधिकारियों को कई बार इन समस्याओं से अवगत कराया गया है। 28 दिनों से चल रहे धरना-प्रदर्शन के बावजूद किसी भी अधिकारी ने इस पर संज्ञान नहीं लिया है। उन्होंने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल बहानेबाजी की जा रही है। कभी शासन के काम का हवाला दिया जाता है,
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जबकि लंबित पत्रावलियों का निस्तारण भी शासन के अंतर्गत आने वाला कार्य है। राठौड़ ने जोर दिया कि अधिकारियों की नियुक्ति इन्हीं कार्यों के लिए की जाती है, लेकिन इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। अधिवक्ता संघ के सचिव कौशलेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सभी अधिवक्ता कलम बंद हड़ताल पर हैं और न्यायिक कार्य पूरी तरह से ठप है। यदि इसके बाद भी कोई पहल नहीं हुई तो अधिवक्ता भूख हड़ताल जैसे कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे।








